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पिलू पोचखानावाला Pilu Pochkhanawala।आधुनिक भारतीय मूर्तिकला की अग्रणी कलाकार

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पिलू पोचखानावाला: आधुनिक भारतीय मूर्तिकला की अग्रणी कलाकार  of  Modern Indian Sculpture Pilu Pochkhanawala: Leading Artist पीलू पोचखानावाला (1923-1986) भारत की पहली महिला मूर्तिकारों में से एक थीं, जिन्होंने आधुनिक भारतीय मूर्तिकला में महत्वपूर्ण योगदान दिया।  इन्होंने मूर्तिकला में अपना परचम तब फैलाया जब इस क्षेत्र में सिर्फ पुरुष मूर्तिकारों का दब दबा था। उनका जन्म 1 अप्रैल 1923 को बॉम्बे (अब मुंबई) में एक पारसी परिवार में हुआ था। उन्होंने बॉम्बे विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और उन्होंने प्रारंभ में विज्ञापन उद्योग में काम करना शुरू किया।  हालांकि,  परंतु एक बार उन्हें  सन् 1951 में यूरोप की  यात्रा अपने  व्यापार के सिलसिले   के दौरान, उन्होंने विभिन्न संग्रहालयों और आधुनिक मूर्तिकारों के कार्यों को देखा, जिससे वे मूर्तिकला की ओर आकर्षित हुईं। वहां उन्होंने विभिन्न मूर्तिकारों के  कार्यों का बृहद कलेक्शन देखा,उन पर ब्रिटिश मूर्तिकार हेनरी मूर का प्रभाव पड़ा।      पोचखानावाला ने मूर्तिकला क...

अनिरुद्धाचार्य जी महाराज कथावाचक की जीवनी।Biography of Anirudhhacharya ji maharaj

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  अनिरुद्धाचार्य जी महाराज कथावाचक की जीवनी।Biography of Anirudhhacharya ji maharaj   डॉ. अनिरुद्धाचार्य जी महाराज, जिन्हें दास अनिरुद्ध के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रसिद्ध भारतीय आध्यात्मिक गुरु, कथावाचक और समाजसेवी हैं। उनका जन्म 27 सितंबर 1989 को मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के रिनवाझा गाँव में हुआ था। उनके पिता, अवधेशानंद गिरि, स्वयं एक भागवताचार्य थे, जिन्होंने अनिरुद्ध जी के आध्यात्मिक झुकाव को प्रारंभ से ही प्रोत्साहित किया। बचपन से ही अनिरुद्धाचार्य जी का झुकाव धर्म और आध्यात्म की ओर था। वे नियमित रूप से गाँव के श्री राधा कृष्ण मंदिर में जाकर ठाकुर जी की सेवा और पूजा में संलग्न रहते थे। गौ माता के प्रति उनकी विशेष श्रद्धा थी; वे गायों की सेवा करना और उनके साथ समय बिताना अत्यंत पसंद करते थे। गाय चराने के दौरान वे श्रीमद्भगवद्गीता और श्री हनुमान चालीसा का पाठ करते और अपने सहपाठियों को भी सुनाते थे। इन धार्मिक ग्रंथों के प्रति उनकी रुचि और समर्पण ने उन्हें आगे चलकर श्रीधाम वृंदावन में वेद, पुराण और शास्त्रों का गहन अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। वृंदावन में, उन्होंने...

डॉ. सुधांशु त्रिवेदी भाजपा के प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता की जीवनी।Sudhanshu Trivedi ki Biography

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 डॉ. सुधांशु त्रिवेदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद हैं। उनकी वाकपटुता, तर्कशक्ति और विविध विषयों पर गहन ज्ञान के लिए वे विशेष रूप से जाने जाते हैं।उनकी भूमिका विचारक विश्लेषक और राजनीतिक सलाहकार की रहती हैं।वर्तमान में यह भाजपा के राज्यसभा सदस्य भी हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: डॉ. त्रिवेदी का जन्म 20 अक्टूबर 1970 को इंदिरा नगर  लखनऊ, उत्तर प्रदेश में यू.  डी. त्रिवेदी और प्रयंबदा त्रिवेदी के घर हुआ था। इनकी हाइट पांच फुट नौ इंच और इनका वजन 75 किलोग्राम है और शुद्ध शाकाहारी हैं।इनकी पत्नी का नाम शालिनी त्रिवेदी है। शिक्षा दीक्षा : गणित विषय में उनकी बचपन से अत्यधिक रुचि थी इसलिए  उन्होंने यांत्रिक इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय से यांत्रिक इंजीनियरिंग में पीएचडी प्राप्त की। शैक्षणिक क्षेत्र में उनकी गहरी रुचि के कारण, उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्यापन किया, जिसमें महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय भी शामिल है। राजनीतिक सफर: राजनीति में उनकी यात्र...

अर्जुन पांडे का यूट्यूब का भाषण लल्लन टॉप में क्या बिना विधायक बने कोई उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाषण दे सकता है?

 अपने युवा सांसद अर्जुन पांडे का वायरल वीडियो देखा होगा जो उत्तर प्रदेश विधान सभा के युवा अर्जुन पांडे  विधान सभा लखनऊ के अंदर भाषण दे रहे  अर्जुन पांडे  प्रयागराज जिले से है उनका भाषण बहुत ही प्रभावकारी है और संविधान पर दिए गए उनके तीन मिनट के भाषण से न सिर्फ लोगों का ज्ञान वर्धन हुआ, बल्कि लोग अर्जुन पांडे के व्यक्तित्व  और प्रतिभा को देखकर दंग रह गए और कह रहे हैं कि वह भविष्य का अटल बिहारी वाजपाई है। अब प्रश्न ये उठता है कि क्या कोई छात्र क्या विधान सभा या संसद में बिना विधायक या सांसद बने भाषण दे सकता है।तो आइए उसका उत्तर जानने की कोशिश करते हैं,नीचे दिए गए आलेख से। अर्जुन पांडे का यूट्यूब का भाषण लल्लन टॉप में क्या बिना विधायक बने कोई उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाषण दे सकता है? हाँ, कुछ विशेष कार्यक्रमों के तहत गैर-विधायक भी उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाषण दे सकते हैं। सामान्यतः विधानसभा में भाषण देने का अधिकार सिर्फ विधायकों को होता है, लेकिन सरकार या विधानसभा प्रशासन द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रमों के दौरान छात्रों, युवा नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, और वि...

अभिषेक पल्लव (IPS) की जीवनी।Abhishek Pallav IPS Biography

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  अभिषेक पल्लव (IPS) की जीवनी  जन्म एवं प्रारंभिक जीवन अभिषेक पल्लव का जन्म बिहार राज्य के  बेगूसराय  जिले के  नगरकोठी गांव में श्री ऋषि कुमार और श्रीमती आशा देवी के घर हुआ था।इनके पिता ऋषिकुमार जी भी सेना में इंजीनियर  थे और उनका परिवार अनुशासित परिवार है। अभिषेक पल्लव के एक छोटे भाई और एक बहन भी हैं भाई डिस्ट्रिक फॉरेस्ट ऑफिसर हैं।  वे बचपन से ही मेधावी छात्र रहे। अभिषेक पल्लव की प्रारंभिक शिक्षा देश के विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों में हुई क्यूंकि इनके पिता का जगह जगह तबादला होता रहता था।  12 वीं के बाद उन्होंने 2005 से लेकर 2009 तक गोवा के शासकीय मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई को पूरा किया  चूंकि अभिषेक पल्लव पढ़ने में एक मेधावी थे  MBBS पूरा करते ही  आल इंडिया पीजी एग्जाम  क्वालीफाई किया    और पीजी एग्जाम में उन्हें 56th रैंक मिली  अच्छी रैंक होने के कारण एम्स से MD (साइकिएट्रिक) मिला। अभिषेक पल्लव ने पांच साल बतौर मनोचिकित्सक दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में अपनी सेवा दी। 2010 में दिल्ली के जी बी पंत अस्पताल म...

Gulam Rasool Santosh Artist Biography । जी. आर. संतोष: जीवन, कृतित्व और योगदान परिचय

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  Gulam Rasool Santosh Artist Biography  जी. आर. संतोष: जीवन, कृतित्व और योगदान परिचय जी. आर. संतोष (गुलाम रसूल संतोष) भारतीय कला और साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नाम हैं। वे एक प्रसिद्ध चित्रकार, कवि और विचारक थे, जिनका योगदान भारतीय आधुनिक कला में अद्वितीय है। उनका जीवन संघर्ष, आध्यात्मिकता और नवाचार से भरा हुआ था। उनका जन्म और जीवन कश्मीर से जुड़ा हुआ था, और उनकी कला में कश्मीरी संस्कृति और तंत्रवाद का गहरा प्रभाव दिखता है। गुलाम रसूल संतोष और पेंटिंग्स प्रारंभिक जीवन और शिक्षा जी. आर. संतोष का जन्म 1929 में कश्मीर में हुआ था। उनका परिवार साधारण था और आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहा था। शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने एक स्थानीय कारखाने में काम करना शुरू कर दिया, लेकिन उनका मन चित्रकला की ओर आकर्षित था। उन्होंने खुद को कला के क्षेत्र में विकसित करने के लिए संघर्ष किया और अंततः ललित कला में औपचारिक प्रशिक्षण लिया। कला यात्रा की शुरुआत उनकी कला यात्रा 1950 के दशक में शुरू हुई जब वे श्रीनगर के एक सरकारी स्कूल में कला शिक्षक बने। बाद में, उन्होंने विभिन्न क...

शेयर बाजार से पैसा कैसे कमाएं? पूरी जानकारी एक नए निवेशक के लिए

  शेयर बाजार से पैसा कैसे कमाएं? पूरी जानकारी एक नए निवेशक के लिए शेयर बाजार से पैसा कमाना कई लोगों के लिए एक रोमांचक और फायदेमंद अवसर हो सकता है। लेकिन इसमें जोखिम भी हैं, इसलिए सही जानकारी और रणनीति के साथ निवेश करना जरूरी है। इस लेख में, हम विस्तार से समझेंगे कि शेयर बाजार क्या है, डिमैट अकाउंट कैसे खोलें, किन-किन बाजारों में निवेश कर सकते हैं, और कौन-कौन सी रणनीतियाँ अपनाकर आप मुनाफा कमा सकते हैं। 1. शेयर बाजार क्या है? शेयर बाजार वह स्थान है जहाँ कंपनियों के शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं। भारत में मुख्य रूप से दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज हैं: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) इन एक्सचेंजों पर कई कंपनियों के शेयर लिस्टेड होते हैं, जिन्हें आप खरीदकर उनके मालिक बन सकते हैं और कंपनी के मुनाफे का लाभ उठा सकते हैं। 2. डिमैट अकाउंट क्या होता है और कैसे खोलें? डिमैट अकाउंट (Demat Account) एक ऐसा अकाउंट होता है जो आपके शेयरों को डिजिटल रूप में स्टोर करता है। यह बैंक अकाउंट की तरह ही काम करता है लेकिन इसमें पैसे के बजाय शेयर, म्युचुअल फंड, बॉन्ड, गोल्ड ETF, क...